🇮🇳भारत ने फिर दिखाया अपना दबदबा — 3rd ODI में 9 विकेट से शानदार जीत rdPresshttps://newsdiaryindia.com/
6 दिसंबर 2025: विशाखापत्तनम के ACA-VDCA स्टेडियम में खेले गए तीसरे और निर्णायक एकदिवसीय (ODI) मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर 3 मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
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🇮🇳भारत ने फिर दिखाया अपना दबदबा — 3rd ODI में 9 विकेट से शानदार जीत
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 270 रन बनाए — लेकिन भारत ने बैक-टू-बैक स्टार परफॉर्मेंस और टीम वर्क से जीत पक्की कर दी।

🔹 पिच इतिहास बदला — पहले जीत मैच वॉर
इस मैच से पहले भारत को पिछले 21 वनडे मैचों में टॉस जीतने का सौभाग्य नहीं मिला था। लेकिन इस बार कप्तान KL Rahul ने वॉर जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया — और यही मोड़ था जिसने भारत की जीत की नींव रखी।
💥 जैसे खिला हो कोई नया सितारा — Yashasvi Jaiswal की धमाकेदार सेंचुरी
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इस मैच के हीरो रहे युवा ओपनर यशस्वी जयस्वाल। सिर्फ अपने चौथे ODI में — यशस्वी ने बेहतरीन 116 नाबाद रनों की पारी खेली। 121 गेंदों में 12 चौके और 2 छक्कों के साथ उनकी ये पहली ODI सेंचुरी थी।🇮🇳भारत ने फिर दिखाया अपना दबदबा — 3rd ODI में 9 विकेट से शानदार जीत
यशस्वी ने अपनी शतकीय पारी के दौरान जश्न मनाया — बैट ऊपर उठाई, पांव जोड़े और स्टेडियम की तालियों के बीच जश्न मनाया। फैन्स के लिए ये पल यादगार था। उनकी पारी ने इस जीत को बनाना आसान कर दिया। क्योंकि उन्होंने शुरुआत से ही जिम्मेदारी संभाली, शतकीय साझेदारी के लिए मंच तैयार किया — फिर चाहे दबाव हो या विपक्षी गेंदबाज़ों की चुनौतियाँ।यह रहा आपका EXTERNAL LINK (SEO-friendly, short, clean और शेयर करने योग्य):
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“Yashasvi Jaiswal से बेहतर शुरुआत शायद ही किसी युवा कर सकता था। देखिए, वो शुरू में दबे और फिर जैसे ही अपनी रफ्तार पकड़ी — वह उड़ चले।” — एक Reddit यूज़र ने मुकाबले के बाद लिखा था।
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युवाओं के बीच जब शोर था — टीम के अनुभवी खिलाड़ियों ने फिर से साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है।
- रोहित शर्मा ने 73 गेंदों में 75 रन की अहम पारी खेली। 7 चौके, 3 छक्कों के साथ उनकी बल्लेबाज़ी ने साथी को खुलने का मौका दिया। साथ ही, रोहित ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 20,000 रन का माइलस्टोन भी पार किया — ये उपलब्धि उन्हें भारत के महान बल्लेबाज़ों की कतार में ला खड़ी करती है।
- वहीं, विराट कोहली ने सिर्फ फॉर्म ही नहीं बल्कि आत्म-विश्वास भी लौटाया — उन्होंने अंत में नाबाद 65 रन (45 गेंदों में) बनाकर टीम को जीत दिलाई।
- खास बात: इस सीरीज में कोहली ने लाजवाब प्रदर्शन किया — दो सौ + एक अच्छी फिफ्टी के साथ उन्होंने खुद को “प्लेयर ऑफ द सीरीज” का खिताब दिलाया। उनके अनुभव और शांत दिमाग ने टीम को उस दबाव से बाहर निकाला, जिस दबाव ने कई मौकों पर शुरुआत में घेरा था।
🎯 गेंदबाज़ों ने भी पूरा साथ दिया — दबाव से दिया जवाब
भारत की जीत सिर्फ बल्लेबाज़ी की बदौलत नहीं हुई — गेंदबाज़ों ने भी जबरदस्त योगदान दिया।
- तेज़ गेंदबाज़ Prasidh Krishna और स्पिनर Kuldeep Yadav ने मिलकर चार-चार विकेट लेते हुए दक्षिण अफ्रीका की पारी को 270 तक सीमित रखा।
- इस तरह, टीम इंडिया ने विश्वसनीय गेंदबाज़ी के दम पर भी विपक्ष को मजबूत स्कोर से वंचित रखा।
यह जीत दर्शाती है कि अगर शुरुआत दमदार हो और टीम सामूहिक रूप से खेले — तो गेंदबाज़ी हो या बल्लेबाज़ी, दोनों एक साथ काम करते हैं।
🧠 मनोवैज्ञानिक जीत — आत्म-विश्वास और नई शुरुआत
इस जीत का सबसे बड़ा असर शायद टीम के मनोबल पर हुआ है।
- लगातार 21 टॉस हारने के बाद वॉर जीतना और गेंदबाज़ी करना — ये परिचालन रूप से बड़ा मोड़ था। इस जीत ने दिखाया कि टीम अब रणनीति, भरोसा और संयम से खेल रही है। वहीं, युवा खिलाड़ियों (जैसे यशस्वी) का दम दिखना और अनुभवी खिलाड़ियों (कोहली-रोहित) का फॉर्म में लौटना दर्शाता है कि टीम ने युवा-अनुभवी संतुलन भी सही बनाए रखा है।
अक्सर जब युवा खिलाड़ी दबाव में होते हैं — पारी संभालते नहीं दिखते। लेकिन पहली पारी में संघर्ष के बाद — यशस्वी ने पूरी शांति से अपनी पारी बनाई, जो भावनात्मक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोण से मायने रखती है।
📅 आगे क्या देखना है — भविष्य की उम्मीदें
यह जीत सिर्फ एक मैच जीतना नहीं — बल्कि भविष्य की दिशा तय करना है।
- टीम इंडिया ने दिखा दिया कि अगर सभी विभाग साथ हों — बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी, रणनीति — तो बड़े लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं।
- युवा खिलाड़ियों को अब भरोसे के साथ खेलने का मौका मिलेगा, और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव से टीम को रणनीति और दबाव संभालने में मदद मिलती रहेगी।
- आगामी सीरीज और टूर्नामेंट्स में, इस आत्म-विश्वास और संतुलन को बनाए रखना भारत के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है।
✍️ निष्कर्ष: एक यादगार जीत — एक नई शुरुआत
आज का मैच और यह सीरीज जीत — केवल एक क्रिकेट मैच से कहीं ज्यादा थी।
यह थी — जुनून, उम्मीद, जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास की कहानी।
युवा यशस्वी जयस्वाल की पहली ODI सेंचुरी ने मैदान पर आग लगा दी, लेकिन उसके पीछे अनुभवी खिलाड़ियों की स्थिरता और गेंदबाज़ों की मेहनत ने जीत की नींव मजबूत की।
और अब — टीम इंडिया न सिर्फ इस जीत का जश्न मना रही है, बल्कि भविष्य के लिए उम्मीदों के साथ नई शुरुआत कर रही है।







