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भारत पहुंचे व्लादिमीर पुतिन: जानें दो दिवसीय दौरे की ताज़ा और अहम अपडेट

On: December 7, 2025 1:26 PM
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Vladimir Putin India Visit 2025, PM Modi और पुतिन की बैठक, India Russia Summit Latest
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व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा: पल-पल की जानकारियाँ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4–5 दिसंबर 2025 को भारत के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर थे। यह दौरा नरेंद्र मोदी द्वारा आमंत्रित था और इस मौके पर 23वीं India–Russia Annual Summit (भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन) हुआ।

नीचे इस दौरे के दौरान हुए मुख्य घटनाक्रम, बड़े समझौते और अहम बातें — जिसे हर कोई आसानी से समझ सके — क्रमवार दिए गए हैं:

✈️ आगमन और स्वागत — शुरुआत में गर्मजोशी

  • 4 दिसंबर की शाम, पुतिन दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे। जहां प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया — एक प्रतीकात्मक लेकिन ताकतवर संदेश।
  • दोनों नेताओं ने एक ही गाड़ी में बैठ कर पीएम आवास पहुंचे — इस मिलन को भारत-रूस दोस्ती की गहराई का प्रतीक माना गया। अगले दिन, 5 दिसंबर को पुतिन को राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया: Rashtrapati Bhavan में गार्ड ऑफ ऑनर, और फिर राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि। इस शुरुआत ने दिखाया कि यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं — बल्कि दोनों देशों के बीच अतीत, सम्मान और भविष्य की साझेदारी का प्रतीक है।

🤝 बैठकें, समझौते और दीर्घकालीन साझेदारी

📌 रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और टेक्नोलॉजी — हर क्षेत्र में “नया अध्याय”

  • इस शिखर सम्मेलन में भारत–रूस संबंधों को और मजबूत करने के लिए आर्थिक साझेदारी कार्यक्रम (Economic Cooperation Programme) – 2030 तक को मंजूरी दी गई। दोनों देश व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और शैक्षणिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
  • रक्षा क्षेत्र में भी कई अहम बिंदु चर्चा में — विशेष रूप से हथियारों की क्रय-विक्रय, मिलिट्री-इंडस्ट्री को मजबूत करना, और टेक्नोलॉजी साझा करना। हालांकि, उन्नत हथियार प्रणालियों जैसे एस-500 मिसाइल सिस्टम या एसयू-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स पर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई। ऊर्जा और परमाणु — इंडिया के “स्वच्छ व सशक्त” भविष्य की ओर
  • पुतिन ने भारत को “निरंतर ईंधन आपूर्ति” (uninterrupted fuel supply) का भरोसा दिया — जो कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के समय में महत्वपूर्ण है।
  • साथ ही, दोनों देशों ने मिलकर भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र विस्तार की योजना पर सहमति जताई — जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs), न्यूक्लियर पावर प्लांट, और अन्य शांतिपूर्ण परमाणु उपयोग शामिल हैं।
  • 🏭 व्यापार, उद्योग, रोज़गार — “मेक इन इंडिया + रूस”
  • दोनों देश आर्थिक विविधीकरण और व्यापार संतुलन पर सहमत हैं। भारत की टेक्सटाइल, फार्मा, कृषि, उपभोक्ता वस्तुओं, सीमेंट, उर्वरक, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि में रूस के साथ साझेदारी की संभावना है।
  • साथ ही, दोनों देशों ने आपसी वीजा नीतियों में सुधार और टूरिज़्म को बढ़ाने की बात कही — जिससे भविष्य में व्यापार और लोगों के बीच संपर्क में वृद्धि हो सकती है। 🍽राजकीय सम्मान, सांस्कृतिक मिलन और संदेश
  • राष्ट्रपति भवन में एक “शाही भोज” (state banquet) आयोजित किया गया, जिसमें द्रौपदी मुर्मू ने पुतिन का स्वागत करते हुए दोनों देशों की 25 साल पुरानी दोस्ती को सम्मानित किया।
  • इस भोज में भारत और रूस की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनैतिक साझा पहचान — “गंगा-वोल्गा संगम” — को फिर से रेखांकित किया गया। यह सिर्फ राजनैतिक दौरा नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी था।

🌐 ग्लोबल पटल — रणनीति, सुरक्षा और दुनिया की नज़र

  • दोनों देश ने कहा कि वे एक “बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था” (multipolar world order) को लेकर प्रतिबद्ध हैं, जहां कोई एक देश — अमेरिका—पूरी दुनिया पर हावी न हो सके।
  • साथ ही, आतंकवाद, वैश्विक सुरक्षा चुनौतियाँ, परमाणु ऊर्जा, तकनीक, अंतरिक्ष, और रक्षा-सहयोग जैसे सेक्टरों में साझेदारी पर जोर दिया गया।
  • रूस ने भारत को 2026 में रूस आने का निमंत्रण दिया है, जिससे संकेत मिलते हैं कि दोनों देशों की दोस्ती सिर्फ “वर्तमान समझौतों” तक सीमित नहीं — बल्कि भविष्य की रणनीति और साझेदारी की ओर अग्रसर है।
  • निष्कर्ष: यही था इस दौरे का संदेश

पुतिन का यह दौरा — केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

  • भारत–रूस रिश्तों में भरोसा, रणनीति और विकास की नई करार।
  • ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, संस्कृति — हर क्षेत्र में साझा भविष्य की रूपरेखा।
  • वैश्विक पटल पर एक संतुलित, बहुध्रुवीय, और स्वतंत्र विदेश नीति की दिशा में कदम।

इस दौरे ने स्पष्ट किया कि भारत–रूस का रिश्ता सिर्फ अतीत या अब तक के समझौतों तक सीमित नहीं है — यह भविष्य की साझेदारी है।

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